क्या आपने कभी सोचा है > जब आप किसी की ज़िंदगी से अचानक गायब हो जाते है तो क्या होता है
में हल्का सा दूर होने की बात नही कर रहा बल्की पूरी तरहा से गायब होने की
📵ना कोई मैसेज।📵
☎️ना कोई कॉल।☎️
🙅♂️ना कोई संपर्क।🙅♂️
जब आप उनकी जिन्दगी से चले जाते है तो वो क्या महसूस करते है
आज की दुनिया में लोग दूसरो को हल्के में लेना अपनी आदत बना चुके है उन्हें लगता है आप हमेशा मौजूद रहेंगे लेकिन आज हम इस कहानी को पलटने वाले है
जब आप अचानक गायब हो जाते है यकीन मानिये उनकी दुनिया हिल जायेगी।
स्वागत है उस व्लॉग में जो शायद आपके लिए सबसे जरूरी हॉगी।
अगर आप ऐसे रिस्ते में रहे हैं जहां किसी ने आपको हल्के में लिया हो अगर आपको एक आप्शन समझा हो तो ये व्लॉग आपके लिए है
आज हम एक बोहोत ताकतवर कांसेप्ट पर बात करेंगे
जब आप अचानक उनकी जिंदगी से गायब होजते है तो वो असल में क्या महसूस करते है
हम उन 9 गहरें इमोश्नल स्टेज पर बात करेंगे जिनसे वो गुजरते हैं जब आप दूर चले जाते है यकीन मानिए इस व्लॉग के खत्म होने तक आपको समझ आजायेगा की कभी कभी सबसे जा दा ताकतवर चीज कर सकते है वो है बस चले जाना और कभी पीछे मुड़के कभी ना देख ना अगर आप अपनी कीमत समझने के लिए तैयार है
अगर आप चाहते है आपको पहले से जा दा मिश करे तो आगे बढ़ते हे क्यो की इस व्लॉग के ख़त्म होते होते आप कभी भी किसी का ऑप्शन नही रहेंगे आप प्राथमिकता बनेंगे आख़िर तक ज़रूर पढ़े
क्यू की हम खाश 10 वा इमोश्नल स्टेज जिसे जाना आपके लिए बहुत जरूरी है
अगर आप सच में चाहते लोग आपको पहले जैसा न देखे और हमेशा आपकी कद्र करे तो इस ब्लॉग को आखरी तक जरूर पढ़े चलिये शुरू करते हे
नम्बर >(1) इनकार का दर्द।
सबसे पहला इमोशनल स्टेज इनकार का दर्द यही से सब कुछ शुरू होता है।उन्हें कभी उम्मीद ही नहीं थी की आप सच में गायब हो सकते है
उनके दिमाग में हमेशा रहने वाला था आप ही थे जो रिश्ता निभाने के लिये मेहनत कर रहे थे जो प्लान बनाते थे जो परवाह करते थे
आप वो इंशान थे वे जिस पर हमेशा भरोसा कर सकते थे
जबतक के अपने दूरी नहीं बनाली जब आप अचानक उनकी ज़िंदगी से चले जाते हैं
ये उनके लिए एक जबरदस्त झटका होता है
एक ऐसा झटका जिस कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी
अपने सुना होगा किसी चीज़ कि अहमियत समझ आती है जब वो चली जाती है
यही यहा भी होता है ये सिर्फ आपकी गैप मौजूदगी का असर नहीं है
ये आपकी उस हर चीज़ को खोदने का एहसास है जो आप उनके लिए थे
उस सुकून जो आपकी मौजूदगी देती थी वो मान्यता जो उन्हें आपसे मिलती थी वो हमेशा उपलब्ध रहने वाली शख़्सियत आप बन चुके थे
अब जब आप वहाँ नहीं है तो उन्हें पहले बार एहसास होता है की वे आप पर क़ाबू नहीं रख सकते लोग इसे माने से डरते है
लेकिन जब उन्हें पता होता है तो वे उन्हें हल्के में लेना शुरू कर देते है
आप उनके लिए सुरक्षा जाल बन जाते है एक एस इंशान जो हमेशा रहेगा चाहे कुछ भी हो जाये लेकिन जब आप अचानक चले जाते है तो वो सुरक्षा जाल खीच लिया जाता है
पर यही वो पल होता है जब घबराहट शुरू होजती है वो गिरते जैसा महसूस करते है उन्हें लगता था की वो आपको हल्के में सकते है
लेकिन अब उनके पास सोचने के अलावा कोई चारा नहीं बचा
“मेने इसे कैसे होने दिया?”
“मैंने काबू कैसे खो दिया?”
इनकार का यह दर्द सबसे जा दा उन्ही लोगो को लगता है
जो आप को पहले हल्के में लेते थे उन्होंने आपकी भावनाओ आपकी मौजूदगी को हमेशा रहने वाली चीज मानलिया था शायद उन्हें लगा था की वो आपके उपर एहशान कर रहे है
आपको अपनी जिंदगी में रख कर यही सबसे बड़ा तंज हैवो सोचते थे वो आपको टुकड़ो में प्यार देकर भी आपको बनाये रख सकते है लेकिन असलियत में आप ही थे जो उस रिस्ते को जोड़े हुए थे
अब आपको क्या समझना चाहिए अगर आप सच में चाहते की उन्हें इंकार का दर्द महेशूष हो तो उन्हें कोई चेतावनी मत दे उन्हें मत बताए की आप जाने वाले है
उन्हें कोई अल्टिमेटम मत दे उनसे धियान देने की भिक मत मांगे बस अचानक गायब हो जाए जब आप बिना कोई सफ़ाई दिए उनकी जिंदगी से निकल जाते है तो ये सबसे बड़ा झटका बनता है
उन्हें ये सोचने पर मजबूर कर देता है की उन्होंने क्या ग़लत किया लेकिन सबसे जरूरी बात की उन्हें साफ़ साफ़ दिखा देता है कि आप अब और अपमान सहने को तैयार नहीं है
जब आप चले जाए पीछे मुड़के मत देखे वे उसे महेशूस करेंगे और यकीन मानिए ये उन्हें उस तरहा झंझोड़ देता है
जैसे उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था वो इंशान जिसे अपने नियंत्रण में समझ ते थे जो हर हाल में उनके साथ रहने वाला था
अब चला गया है अब उन्हें ही इसकी तकलीफ झेलनी होगी।
अब कहानी और दिलचस्प हो जाती है इनकार के दर्द के बाद जो अगला एहसास आता है वो है खाली पन उन्होने कभी सोचा ही नहीं था की आपकी कमी कभी महेशूष होगी बल्की उन्होंने खुद को यकीन दिला रखा था की अगर आप चले भी गए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा अगर वे चला भी गया तो क्या हुआ मतो बस आगे बढ़ जाऊँगा यही सोच रहे थे ना आप सच में उनकी ज़िन्दगी से चले जाते है तो अचानक एक गहरी खाली जगह महेसूस करने लगते है
और ये सब कोई मामूली खाली पन नहीं है ये वो दर्दनाक अहसाश है जो धीरे धीरे अंदर से खाता जाता है
अब वे पहले की तरहा झिंदाग्यी जीने की कोशिश करते है वही दिन चरिया वही लोग वही काम लेकिन कुछ बदल चुका है
कुछ छूट गया है और फिर उन्हें एहशाश होता है वो इंशान निशने उनकी जिंदगी को असली माईने दिए थे वो आप ही थे अपने ही उन्हें खुशी अपना पन और इमोश्नल इस्थिरता दी थी
अब जब आप नहीं हे तो सब कुछ फीका लगने लगता हे उन्होंने आपको हल्के में क्यों लिया जब कोई आपको हल्के में लेता है तो उन्हें लगता है कि आप बस एक बैग्राउंड का हिशा हे
कुछ एसा जो रहेगा बिना किसी बदलाव के उन्हें लगा की आपकी जगहा कोई और ले सकता है लेकिन सचाई कोई भी आपकी जगहा नही लेसकता अब वे उस खाली पन कोभरने को कोशीश करेंगे शायद आपकी जगह लाने को कोशीश करे शायद दोस्तों के साथ जा दा
वक्त बिताए शायद कम में खुद को डुबो दे शायद किसी नए शोख़ में लग जाए लेकिन क्या होगा वो खाली पन वही रहेगा हर बार जब वे आपको याद करेंगे हर बार वो किसी में आपकी झलक ढूँढने की कोशिश करेंगे हर बार जब वो अपना फोन में आपके नाम को खोजेंगे उन्हें एहसास होगा उन्होंने क्या खोदिया
ईसी लिए जब आप दूर जाए सही तरीके से जाए अगर आप उन्हें अपनी कमी महेशूष कराना चाहते हैं तो पीछे कोई राश्ता मत छोड़िए
उन्हें सोश्यल मिडिया पर ब्लॉक कर दीजिए उनका नम्बर डिलीट कर दीजिए उन्हें आप तक पोहोचने का कोई भी तरीका ना दे जितनी बार वे आपको खोजने को कोशिश करेंगे कुछ नहीं पाएंगे उतनी ही बार वो खाली पन घेरता जाएगा ।
अब उन्हें समझ आएगा जबतक आप थे उन्हें आप की कदर नहीं थी
उन्हें लगा आप हमेशा उनके पास रहेंगे लेकिन जैसे ही आप चले गए सब कुछ बदल गया
अब वे उन छोटी छोटी बातो को मिस करेंगे आपकी बाते आपकी हंसी
आपके साथ बिताए छोटे छोटे पल वो एहशाश जो शिर्फ आप उन्हें दे सकते थे लेकिन अब आप वहाँ नहीं हैं उन्हें अब खाली पन के साथ जीना होगा और यही वो लम्हा है जब असली एहसास होगा के आप उनकी जिंदगी में क्या मायने रखते थे
नम्बर >(3) बेहद ज्यादा जिज्ञासा।
अब तक वे खाली पन की गहराई में डूब चुके हैं और अब बेचैनी शुरू होती है उनके अंदर जिज्ञासा जाग उठती है और ये इतनी तेज होती है कि वे इसे संभाल नही पाते अब उनके दिमाग में एक ही सवाल घूम रहा है
ये कहा है?
क्या कर रहे हैं?
किसके साथ हैं?
अब बस वे ये जाने के लिए बेचन हैं की आप की जिंदगी में क्या चल रहा हैं क्यो क्यूकी अब अपातक पोहोच नही है
अब आप रहसिया बन चुके हैं और इंशान को सबसे जा दा तकलीफ तब होती है जब उन्हें पता ही ना चले की उनके आश पाश क्या हो रहा है सोश्यल मिडिया के इस दोर में ये स्टेज और भी तकलीफ दे हो जाती है
अब वे बार बार आपका इंस्टाग्राम फेसबुक हर वो प्लेरफ़ॉर्म चैक करेंगे बस ये देखने के लिए की आप क्या कर रहें हैं
यहाँ असली खेल शुरू होता हे आप कुछ भी नहीं दिखा रहे कोई अप्डेट नही कोई स्टोरी नही कोई पोस्ट नही कुछ भी नही और यही चीज उन्हें पागल बना देती है
क्यो क्यू की इंशान को अनजान चीजो से नफरत होती है उन्हें अन्निचिता बरसश नहीं होती जैसे ही आप उनकी जिंदगी से गायब होते हैं उनका दिमाग सवालों से भर जाता हैं
अब उनकी असुरक्षा जाग जाती है क्या ये आगे बढ़ चुके हे क्या ये किसी और कि साथ हे क्या ये मेरे बिना जा दा खुश है
अब वे इस अनजान सचाई को झेल नहीं पाते फिर वे साबरदश्ती जानने की कोशिश करेंगे फिर वे जानकारी ईकठा करने लगेंगे वो आपके कमेन फ्रेंड सवाल पूछेंगे इधर उधर से आपकी जिंदगी के बारे में जाने की कोशिश करेंगे पर वे खुल कर यह शूकार नहीं करेंगे की उन्हें आपकी जरूरत नहीं है
यह देखने में दुखद भी होता है एक समय पर जो ये सोचते थे की आपकी परवाहा करते थे अब वही आपकी जिंदगी के बारे मैं जाने के लिए बैचेन है
जिज्ञासा एक ताकत वर एहसाश है जब इंशान को कोई जवाब नहीं मिलता तो उनका दिमाग खुद ही कहानियाँ गड़ने लगता है
अब बह सोचने लगते हैं की आप किसी और के साथ हे आप शायद पहले से जादा खुश हैं जादा सफल हे और ये ख्याल उन्हे अंदर ही अंदर खजाता है हर बीतते दिन के साथ उनकी जिज्ञाशा बढ़ ती जाएगी अब सिर्फ ये जिज्ञाशा नही बल्कि एक सनक बन जाएगी
अब आपको क्या करना है आपको जादा रहशिया माई बनाना है
पूरा ऑफलाइन हो जाए कोई अपडेट ना दे कोई ऐसा संकेत भी ना दे जिस से उन्हें आपकी जिंदगी के बारेमे पता ना चले उन्हें सोचने ना दे उन्हें उनके सवालों में उलझने दे हर बार वे आपका नाम सर्च करेंगे और कुछ भी नहीं पाएंगे तो उनकी बेचैनी और भी बढ़ जाएगी।
अब सारी ताकत आपके पास है और उनकी सबसे बड़ी कमजोरी उनकी खुदकी जिज्ञाशा बन चुकी है
याद रखिये उनका जवाब मत दीजिए बस खामोशी दीजिये
नम्बर >(4) गहरीं आत्मचिंतन
गहरी आत्मचिंतन अब हम खतरनाक ज़ोन में प्रवेश कर रहे हैं उनके लिए क्योंकि अब आत्मचिंतन शुरू होता है और ये कोई आसान चीज़ नहीं होती। कई दिनों या हफ्तों तक आपके बारे में सोचते सोचते अब उनका ध्यान अपने ऊपर जाने लगता है। अब वे खुद से सख्त सवाल पूछना शुरू करते हैं।
क्या मैं बहुत दूर था? क्या मैं बहुत ठंडा था? क्या मैंने इन्हें दूर धकेल दिया?
क्या मैंने ही सब कुछ बर्बाद कर दिया? अब पछतावा उनके अंदर गहराई तक बसने लगता है और ये एहसास बहुत कड़वा होता है। सच्चाई ये है कोई भी इंसान ये मानना पसंद नहीं करता कि उसने गलती की है।
ये इंसानी फितरत होती है, लेकिन जब आप गायब हो जाते हैं तो आप उन्हें मजबूर कर देते हैं कि वे अपनी गलतियों का सामना करें। अब आप वहाँ नहीं हैं कि उन्हें सांत्वना दें या बात संभाले। अब उन्हें अपने के ऊपर खुद ही विचार करना होगा। अब उनके दिमाग में हर पुरानी बात चीत दोबारा चलने लगती है। वे उन पलों को याद करेंगे जब उन्होंने आपके मैसेज को नजर अंदाज किया था। जब उन्होंने आप की भावनाओं को हल्के में लिया था, जब उन्होंने आपको ऐसा महसूस कराया कि आप उनकी जिंदगी में बस एक बात की चीज़ है। अब यह सारी बातें उन्हें भारी पड़ने लगेंगी क्योंकि अब उन्हें एहसास हो रहा है। जिससे भी अपनी गलतियों को छिपा सके। अब एक ही इंसान बचा है जिसे वे दोष दे सकते हैं, वो खुद और ये एहसास सबसे दर्दनाक होता है। जैसे जैसे समय बीतता जाएगा उनका आत्मचिंतन और गहराता जाएगा। उनकी गलतियों का एहसास और बढ़ता जाएगा।
उनका पछतावा और मजबूत होता जाएगा। अब वे सोचेंगे कि काश वे समय में वापस जा पाते और चीजों को सुधार सकते हैं, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। आपको क्या करना चाहिए? कुछ भी नहीं, उन्हें कोई मैसेज मत भेजिए। उन्हें ये मत समझाइए कि आप क्यों दूर जाने का फ़ेशला किया उन्हें ये मत दिखाइए की उन्होंने क्या ग़लत किया उन्हें ख़ुद ही इसका एहशाश होने दीजिए क्यो क्युकी आत्मचिंतन सबसे जादा असरदार होता हैं यह इंशान के अंदर से खुदब ख़ुद आता है और जितना आता हैं उतना जादा वे ख़ुद से सवाल पूछेंगे उतना जादा वे उस नतीजे पर पहुँचेंगे के सब कुछ उनके कारण हुआ उन्हें पछतावे में दूने दीजिए ये उनके लिए सबसे बड़ा सबक़ होगा।
नम्बर >(5) आपका पीछा करने की बेताबी ।
अब जब वे काफी समय आत्मचिंतन में बिता चूके हैं तो अंदर कुछ बदलने लगता है। वे अब खुद से सवाल करने से आगे बढ़कर आपको वापस पाने की चाहत में डूब जाते हैं। अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। पहले आप वो इंसान थे जो कोशिश कर रहा था।
जो परवाह कर रहा था जो पीछा कर रहा था लेकिन अब बारी उनकी है। अब उनके अंदर एक गहरी बेचैनी है। वे आपके बारे में सोचना बंद नहीं कर सकते। वे आपको फिर से अपनी जिंदगी में लाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। वे ये सोच सोचकर पागल हो रहे हैं कि क्या बहुत देर हो चुकी है। अब वे वो टेक्स्ट भेजेंगे जो कहेगा।
मैं कुछ दिनों से तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ। वे आपकी पुरानी इंस्टाग्राम पोस्ट लाइक करेंगे। शायद कोई कमेंट भी कर दे सिर्फ ये देखने के लिए की आप जवाब देते हैं या नहीं। वे शायद रात के किसी पहर नशे में धुत होकर एक मैसेज भेजें। उम्मीद में की जो खो चुका है उसे फिर से जिंदा कर सके। लेकिन अब समीकरण बदल चुका है।
अब वे आपको पाने की कोशिश कर रहे हैं। जो इंसान कभी आपको हल्के में लेता था, अब आपके बिना बेचैन हो रहा है। अब आप उनकी प्राथमिकता बन चूके हैं। अब वे महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती कर दी। यही वो मोमेंट है जब आप सबसे ज्यादा ताकतवर है। अब सवाल ये है आप क्या करेंगे?
आपको क्या करना चाहिए? कुछ नहीं, उन्हें मैसेज का जवाब मत दीजिए, उनकी इंस्टाग्राम लाइक्स या कॉमेंट्स को नोटिस मत कीजिए। उन्हें वो संतुष्टि मत दीजिए जिसकी भी उम्मीद कर रहे हैं क्यों? क्योंकि उन्हें अपनी ही बेताबी में जलने दीजिए। क्या होगा अगर आप जवाब देते हैं अगर आप एक बार भी जवाब देते हैं?
तो ताश के पत्ते फिर से उनके हाथ में चले जाएंगे। आपकी मेहनत बेकार हो जाएगी। याद रखिए।बोहोत कुछ सहा है आपने ख़ुद को बोहोत मजबूत बनाया है अब फिरसे वही खेल मत खेलिए सबसे ताक़तवर चीज़ क्या है ख़ामोशी आप जितनी जादा साधेंगे वे उतने ही दर्द में छोड़ दीजिए उन्हें अहशाश होने दीजिए की अब जो चाहे वे हासिल नहीं कर सकते यही आपकी सबसे बड़ी जी है।
नम्बर >(6) राहत और पछतावे के बीच की जंग ।
जब आप पहली बार उनकी ज़िन्दगी से गायब होते हैं तो शायद उन्हें थोड़ी राहत महसूस हो। शुरुआत में वे खुद को आजाद महसूस करते हैं। वे सोचते हैं चलो अच्छा हुआ। अब मुझे उनकी बातों से परेशान नहीं होना पड़ेगा। शायद वे खुद को समझाने लगे की उन्होंने सही फैसला लिया।
शायद ये खुद को खुश दिखाने की कोशिश करें लेकिन ये आजादी असली नहीं है। ये बस एक दिखावा है, एक झूठी तसल्ली जो ज्यादा देर टिक नहीं सकती। शुरुआत में सब कुछ ठीक लगता है। वे दोस्तों के साथ घूमने निकलते हैं, नए लोगों से मिलते हैं, डेटिंग एप्प्स पर स्वाइप करते हैं। शायद किसी और के साथ बाहर भी चले जाए।
और उन्हें लगता है कि सब ठीक हो जाएगा। वे सोचते हैं कि जीवन बिना आपके भी मजेदार रहेगा, लेकिन फिर जब अकेले होते हैं जब वे अपने कमरे में अकेले बैठते हैं, जब वे अपना फ़ोन स्क्रॉल कर रहे होते हैं, जब रात के किसी पहर अचानक शांति छा जाती है तभी पछतावा उनके दिल में गहराई से उतरने लगता है। वे महसूस करते हैं कि ये आजादी असल में खालीपन हैं। वे समझते हैं कि जो लोग उन्हें लगा था कि आपकी जगह ले लेंगे, वे बस सतही, व्याकुल हैं। यह वैसा ही है जिसे प्यास लगने पर खरा पानी पीना पहले अच्छा लगता है लेकिन फिर और ज्यादा प्यासा कर देता है। अब वे बेचैन हो रहे हैं।
अब वे आपकी कमी महसूस कर रहे हैं। अब वे समझ रहे हैं कि उन्होंने क्या खो दिया। आज के द्वार में लोग ये सोचते हैं कि आगे बढ़ना बहुत आसान है। उन्हें लगता है कि कोई भी नया इंसान आपकी जगह ले सकता है। उन्हें लगता है कि एक अर्थहीन दिखावे से वो सब कुछ भुला देंगे, लेकिन वे गलत हैं। कोई भी उस इंसान की जगह नहीं ले सकता जो एमोशनल, स्टेबिलिटी और गहरा कनेक्शन देता था।यही अहशाश उन्हें झंझोड़ कर रख देता है अब आपको क्या करना है कुछ नहीं उन्हें इस दर्द को महसूस करने दीजिए उन्हें इस खाली पन में जलाने दीजिए जब वे पछतावे से तड़प रहे हो तो भी वापस मत जाइए
नम्बर >(7) खेल खेलने की छह।
अब तक पछतावा उनके अंदर घर कर चुका है। अब ये घबरा रहे हैं। अब वे हालात को अपने काबू में लेना चाहते हैं, लेकिन समस्या ये है उन्हें पता ही नहीं कैसे तो वे क्या करते हैं। वे खेल खेलना शुरू कर देते हैं। वे जानबूझकर दूर दूर रहने का नाटक करेंगे।
वे कोशिश करेंगे कि आपको जलाया जाए। वे सोशल मीडिया पर दूसरी लड़कियों लड़कों के साथ तस्वीरें डालेंगे। वे दिखाने की कोशिश करेंगे कि वे आपकी गैर मौजूदगी में बहुत खुश हैं। शायद वे कोई ऐसा स्टेटस पोस्ट कर दे। आगे बढ़ना जरूरी है या खुश हूँ। अपनी जिंदगी में शायद वे कोई सेल्फी डाले क्नॉइस जिसमें वे थोड़ा ज्यादा मेहनत कर रहे हो खुश दिखने के लिए। लेकिन असलियत क्या है? ये सिर्फ एक चाल है। एक नाकाम कोशिश आपको वापस खींचने की एक नकली दिखावा ताकि आप सोचें कि वे क्या कर रहे हैं। लेकिन अब फर्क ये है कि अब आप ये खेल नहीं खेल रहे। आप इस बचकानी हरकतों से ऊपर उठ चूके हैं।
अब आप इन छोटी छोटी चालों पर ध्यान नहीं देते। वे सोचते हैं कि छोटी छोटी चालाकियों से वे आपको जलाकर वापस खींच सकते हैं, लेकिन जब आप जलते ही नहीं तो उनका पूरा खेल बेकार हो जाता है। अब वे हर मुमकिन तरीका आजमाएंगे, छोटे छोटे ताने देंगे, आक्रामक निष्क्रिय बातें करेंगे। सोशल मीडिया पर बढ़ा चढ़ाकर दिखाएंगे कि। वे कितने खुश हैं लेकिन कोई भी चाल काम नहीं करेगी क्योंकि आप अब इन चीजों को तवज्जो ही नहीं दे रहे। यही उन्हें पागल कर देगा। वे आपकी प्रतिक्रिया के लिए तड़पेंगे वे चाहेंगे की आप कोई जवाब दे वे चाहेंगे की आप भी कोई जलाने वाली पोस्ट करे लेकिन आप चुप रहिए उनके अजीब पोस्ट को इग्नोर करिए
उनकी तस्वीरो पर कोई जवाब मत दीजिए उनकी चल में मत फासिये याद रखिए ये खेल तभी चलता है आप इसे खेलने को तैयार हो जिस पल अपने प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया उसी पाल उनका पूरा कंट्रॉल खत्म हो जाएगा वे हार चुके हैं ।
नम्बर >(8) खामोशी का भारी बोझ ।
ख़ामोशी का भारी बोझ खामोशी दुनिया की सबसे ताकतवर चीजों में से एक है जब आप गायब हो जाते हैं जब आप कोई जवाब नहीं देते तो आपकी चुप्पी ही सबसे बड़ा जवाब बन जाती है आपके शब्दों की कमी, आपके मैसेज की मौजूदगी, आपका ना दिखना, ना बोलना ये सब कुछ उनसे ज्यादा कह जाता है। जितना आप बोल कर कह सकते थे, अब उनके पास कुछ नहीं बचा। सिर्फ उनके अपने ख्याल और यही से उनकी असली तकलीफ शुरू होती है, क्योंकि ये खामोशी बहुत भारी होती है, इतनी असहनीय है कि वे हर चीज़ पर शक करने लगते हैं। अब उन्हें उन लम्हों की याद आने लगती है जब उन्होंने आपकी कॉल्स को नज़रअन्दाज़ किया था, उन्होंने आपके मैसेज का जवाब देना जरूरी नहीं समझा था। वे अपने कामों में इतने व्यस्त थे की आपको वक्त नहीं दे सके थे और अब वे कुछ भी कर सकते हैं। सिर्फ आपकी एक आवाज सुनने के लिए खामोशी उन लोगों के लिए सबसे बड़ी सजा है जो हमेशा कंट्रोल में रहना चाहते हैं। वे उम्मीद करेंगे कि आप ही सबसे पहले बात करें, वे चाहेंगे कि आप पूछे क्या हुआ? वे चाहेंगे कि आप सफाई मांगे, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते तो क्या होता है? अगर आप पूरी तरह गायब हो जाते हैं और वे बस सोचते ही रह जाते हैं कि उन्होंने आपको हमेशा के लिए खो दिया है?
तो वे पागल हो जाते हैं। वे इसे समझ नहीं पाते। हर गुजरता लम्हा उनके लिए भारी हो जाता है। 1 मिनट बिना आपके जवाब के 1 साल जैसा महसूस होता है। 1 दिन बिना आपकी आवाज सुने एक सदी जैसा लगता है। खामोशी से लोग बिखरने लगते हैं। आज की दुनिया लगातार बातचीत करने की दुनिया है।
हर वक्त नोटिफिकेशन आते हैं, हर समय कोई ना कोई टेक्स्ट करता है। हर चीज़ तुरंत मिल जाती है। रिप्लाय लाइक्स, कॉमेंट्स लेकिन जब आप ये सब बंद कर देते हैं, जब आप उनकी दुनिया से पूरी तरह गायब हो जाते हैं, तब वे बुरी तरह हिल जाते हैं? वे इस रिश्ते के पुराने शोर के आदी हो चूके थे। चाहे प्यार हो।गुस्सा हो बहस हो लेकिन कुछ ना कुछ होता रहता था लेकिन अब बस खामोशी हे और खामोशी बहुत दर्द देती है इसीलिए अपनी ताक़त बनाइए मत बोलिए मत समझाइये मत सफ़ाई दीजिए उनको उनके किए का भार उठाने दीजिए उन्हें समझ आने देना की खोदने किसी भी बहसब से तकलीफ़ दे हे समझ जायेंगे की आपकी गेर मौजूदगी सबसे बड़ी सजा है
नम्बर >( 9) डर जो उन्हें घुटनों पर ले आता है,
अब यहाँ से सब कुछ टूटनेआर लगता है। अब उन्हें डर सताने लगता है। ये वो हिस्सा है जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। वो ये सोच भी नहीं सकते थे कि उन्हें सच में डर लगेगा कि वो आपको खो चूके हैं।
वो ये मानकर बैठे थे कि आप हमेशा वहाँ रहेंगे कि आप कभी दूर नहीं जाएंगे कि आप वही इंसान हैं जो हर हाल में वापस आएगा, लेकिन अब अब आप जा चूके हैं और ये अहसास उन्हें तोड़कर रख देता है। अब उनकी सबसे बड़ी चिंता ये नहीं है कि उनकी ईगो क्या कहेगी? अब उनकी सबसे बड़ी चिंता ये नहीं है कि लोग क्या सोचेंगे?
अब उनकी सबसे बड़ी चिंता सिर्फ एक चीज़ है। अगर मैंने इन्हें हमेशा के लिए खो दिया तो अगर ये सच में आगे बढ़ चूके हैं अगर अब ये किसी और के साथ खुश हैं, ये ख्याल उन्हें अंदर तक हिला देता है।
वो आपको किसी और के साथ हंसते हुए बात करते हुए खुश होते हुए देखने की कल्पना भी नहीं कर सकते। ये सोच ही उनके पेट में दर्द कर देती है और अब अब उन्हें फर्क पड़ने लगा है। अब वो बस आपको वापस पाना चाहते हैं। अब उनकी ईगो उनका दिखावा सब खत्म हो चुका है और यही डर उन्हें घुटनों पर ले आता है।
अब वो वो सब करने को तैयार हैं जो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। अब वो आपको व्हाट्सएप करेंगे, अब वो आपको कॉल करेंगे। अब वो लंबे लंबे मैसेज भेजेंगे जहाँ वो अपने हर गलती को मानेंगे। अब वो आपको बताएंगे की वो आपको कितना मिस करते हैं। अब शायद वो अचानक आपके दरवाजे पर आ जाए। कुछ भी कर सकते हैं सिर्फ आपको वापस पाने के लिए।
लेकिन सच क्या है? सच ये है कि जब तक उन्हें ये डर महसूस होता है आप पहले ही आगे बढ़ चूके होते हैं। अब आपको उनकी जरूरत नहीं है। अब आपकी जिंदगी में उनका कोई मायने नहीं है। अब आपने अपनी ताकत और अपनी पहचान वापस पा ली है। उनका डर असली है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। अब अगर वो घुटनों पर भी आ जाए।
माफी भी मांगे। गिड़गिड़ाएं भी तो भी उन्हें वो नहीं मिलेगा जो उन्होंने खो दिया क्योंकि आपने उन्हें ये सीखा दिया है कि आप कोई विकल्प नहीं है। आप एक मात्र विकल्प नहीं है आप एक इनाम हे और जब कोई इनाम गवा देता है तब उस का मॉल बहुत देर से समझ आता हे अगर आप यहा तक आगये तो आप उन 99 % लोगो से आगे हे जो हमेशा अटके रहते हे और हमेशा ख़ुद को दूसरो के सामने छोटा बनाते हे अपने अपने मूलिय को पहचाना हे अपने अपनी शक्ति को पहचान लिया हैं और अब आपको कोई हल्के में नहीं ले सकता अगर आप इस व्लॉग को यहाँ तक पढ़ चुके तो आप के लिए एक बोनश ।
नम्बर >(10) भावनात्मक स्वतंत्रता का एहसास यह वह जगह है
जहाँ सब कुछ पूरी तरह से बदल जाता है। आपकी अपनी भावनात्मक स्वतंत्रता का एहसास जब आप गायब होते हैं तो आप सिर्फ उनसे नहीं भाग रहे होते, बल्कि आप अपनी स्वतंत्रता, अपनी भावनात्मक स्पष्टता और अपनी शांति की ओर बढ़ रहे होते हैं।
देखिए कई रिश्तों में हम इतने फंसे रहते हैं कि दूसरे को खुश करने में अपनी कीमत साबित करने में कि हम अपनी आवश्यकताओं को भूल जाते हैं। हम ये भूल जाते हैं कि हमारे पास बहुत ताकत है कि हम चुनाव करें, चाहे तो चले जाएं।
और अपने लिए बेहतर की मांग करें। लेकिन एक बार जब आप गायब हो जाते हैं, एक बार जब आपने अपनी जगह वापस पा ली तो आप चीजों को साफ साफ देखने लगते हैं। अब आपको उनकी स्वीकृति की जरूरत नहीं होती। अब आपको यह फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या सोचते हैं, कैसे महसूस करते हैं या उन्हें क्या चाहिए?
आपने यह समझ लिया है कि आपकी खुशियां अब उनके साथ नहीं जुड़ी है और यही सबसे शक्तिशाली चीज़ है जो आप महसूस कर सकते हैं। ये आपकी भावनात्मक स्वतंत्रता है और यहाँ सबसे अच्छा हिस्सा है। वे भी ये महसूस करते हैं। वे समझते हैं। की आप अब वही इंसान नहीं रहे जो वे पहले जानते थे। आप अब मजबूत, समझदार और आत्मविश्वासी हो गए हैं। वे यह महसूस कर सकते हैं कि आपने उन्हें पार कर लिया है की अब आपको उन्हें पूर्ण महसूस करने के लिए उनकी जरूरत नहीं है। यही वह जगह है जहाँ सभी समीकरण बदल जाते हैं। वे पुराने पैटर्न में फंसे हैं।
लेकिन आप ऊब चूके हैं। आपने स्वीकृति के चक्र से खुद को मुक्त कर लिया है और अब उनका राय कोई मायने नहीं रखती। अपनी भावनात्मक स्वतंत्रता का मालिक बने, पुरानी आदतों में वापस ना लौटे, उन्हें यह संतोष मत दें कि वे अभी भी आपकी खुशी पर नियंत्रण रखते हैं। आप अब उससे कहीं आगे बढ़ चूके हैं।
और यही आपकी सबसे बड़ी जीत है, तो यहाँ क्या सीखें लोगों को यह मौका देना बंद करो कि वह तुम्हें हल्के मिले। वह व्यक्ति मत बनो, जो हमेशा उनके लिए होता है, चाहे वह तुम्हारे साथ कैसा भी व्यवहार करें, जीस पल तुम हट जाओ, जीस पल तुम गायब हो जाओ सब कुछ बदल जाता है।
अब तुम सामर्थ्य रखते हो, वे यह महसूस करेंगे ।